जालंधरः पंजाब के छोटे और आर्थिक रूप से कमजोर किसानों को मजबूत सहारा देने के लिए Khalsa Aid ने “सांझी खेती प्रोजेक्ट” की शुरुआत की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन किसानों की सहायता करना है जिनके पास पांच एकड़ या उससे कम जमीन है और जो आधुनिक कृषि मशीनरी की कमी के कारण अधिक खर्च और कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत जिन किसानों के पास ट्रैक्टर या आवश्यक कृषि उपकरण जैसे हल, रोटावेटर, सीड ड्रिल, लेजर लेवलर आदि उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें ये सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। ट्रैक्टर के साथ अनुभवी ड्राइवर की सेवा भी दी जाएगी, ताकि खेती का काम समय पर और कम लागत में पूरा हो सके। यह प्रयास खेती की लागत कम करने, कर्ज के बोझ को घटाने और छोटे किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रोजेक्ट संबंधी जानकारी देते हुए इंचार्ज गगनदीप सिंह ने कहा कि “सांझी खेती प्रोजेक्ट छोटे और जरूरतमंद किसानों के लिए एक मजबूत सहारा साबित होगा।” उन्होंने आगे बताया कि इस योजना का उद्देश्य केवल मशीनरी उपलब्ध करवाना ही नहीं, बल्कि किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और खेती को लाभकारी बनाना भी है।
इस अवसर पर Khalsa Aid के जसप्रीत सिंह दहिया, लखविंदर सिंह और गुरमीत सिंह (बिल माटो) ने भी कहा कि यह प्रोजेक्ट पंजाब के छोटे किसानों के लिए एक मिसाल कायम करेगा और भविष्य में इसका दायरा और बढ़ाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसान इस सहायता से लाभान्वित हो सकें।
उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि कृषि पंजाब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और छोटे किसानों को मजबूत किए बिना राज्य की प्रगति संभव नहीं है। “सांझी खेती प्रोजेक्ट” के माध्यम से न केवल किसानों की तत्काल जरूरतें पूरी की जाएंगी, बल्कि आपसी सहयोग और साझेदारी की भावना को भी मजबूत किया जाएगा, जो आने वाले समय में खेती के लिए एक नया मॉडल साबित हो सकता है।
