डिप्टी कमिश्नर ने किसानों से गेहूं की पराली न जलाने की अपील की, कृषि मशीनों से उचित प्रबंधन करने को कहा
जालंधर: डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने कहा कि ज़िले की मंडियों में गेहूं की खरीद का काम उचित ढंग से चल रहा है और खरीद प्रबंधों की रोज़ाना समीक्षा की जा रही है, ताकि खरीद प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के पूरी हो सके।
श्री वालिया ने कहा कि किसानों से खरीदे गए गेहूं का भुगतान निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कल शाम तक किसानों को 1058 करोड़ रुपये का भुगतान सुनिश्चित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि ज़िले की मंडियों में 4,24,873 मीट्रिक टन गेहूं की आमद हुई है, जिसमें से विभिन्न खरीद एजेंसियों द्वारा 4,23,871 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है।
गेहूं की लिफ्टिंग पर ज़ोर देते हुए, डिप्टी कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि लिफ्टिंग में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि गेहूं की खरीद के बाद, उसकी समय पर लिफ्टिंग सुनिश्चित की जाए।
गेहूं का एक-एक दाना खरीदने की पंजाब सरकार की वचनबद्धता दोहराते हुए, श्री वालिया ने कहा कि ज़िला प्रशासन खरीद प्रक्रिया को उचित ढंग संपन्न करवाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि समय पर खरीद, लिफ्टिंग और भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि किसानों को किसी भी तरह की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
डिप्टी कमिश्नर ने किसानों से यह अपील भी की कि वे गेहूं की कटाई के बाद उसके पराली या अन्य फसल अवशेषों को न जलाकर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों को जलाने से निकलने वाला धुआँ पर्यावरण को प्रदूषित करता है और इससे दुर्घटनाओं का भी खतरा बना रहता है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वह फसल अवशेषों को जलाने के बजाय, उनके उचित प्रबंधन के लिए सरकार द्वारा सब्सिडी पर उपलब्ध कराई जा रही कृषि मशीनों का अधिक से अधिक उपयोग करें।
इस बीच, डिप्टी कमिश्नर के निर्देशों पर, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और मंडी बोर्ड के अधिकारी लगातार मंडियों का दौरा कर रहे हैं, ताकि खरीद का यह मौसम बिना किसी बाधा के उचित ढंग से संपन्न हो सके।
