जालंधर: Bhagwant Mann In Jalandhar : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार ने लोगों से किए हर वादे को पूरा किया है और आने वाले वर्षों में भी हर वादे का सम्मान करते हुए उन्हें पूरा करना जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों के लिए तरक्की और खुशहाली वाला रंगला पंजाब बनाना सरकार का मुख्य एजेंडा है।
जालंधर में होशियारपुर के लोगों के साथ आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह जनसंवाद लोगों की शिकायतों का सीधे समाधान करने और उनकी समस्याओं का बिना देरी निपटारा करने का एक प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है।
पंजाब सरकार द्वारा लिए गए जनहितैषी फैसलों की श्रृंखला का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना जैसी पहल पर प्रकाश डाला, जिसके तहत महिलाओं को 1000 से 1500 रुपये प्रतिमाह सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मेरी रसोई योजना के तहत 40 लाख परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत मिलने वाले गेहूं के अलावा मुफ्त भोजन किटें भी दी जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेरोजगारी से निपटने के लिए योजनाबद्ध प्रयासों के तहत युवाओं को 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां पारदर्शी तरीके से प्रदान की गई हैं।
लोक मिलनी के दौरान होशियारपुर जिले के निवासियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लोक मिलनी एक अनूठी पहल है, जो सरकार को लोगों के साथ सीधे संवाद करने और उनकी समस्याओं का प्रभावी ढंग से समाधान करने का अवसर देती है।” उन्होंने कहा कि पुलिस और सिविल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति यह सुनिश्चित करती है कि लोगों की समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा, “इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों की शिकायतों का शीघ्र निपटारा हो और नागरिक सेवाएं उनके दरवाजे तक पहुंचें। डिप्टी कमिश्नरों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस जनहितैषी पहल के ठोस परिणाम सामने आएं।” उन्होंने कहा कि वह समय-समय पर बैठकों में शिकायतों की स्थिति और लंबित मामलों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करेंगे।
पिछले चार वर्षों के दौरान पंजाब सरकार द्वारा की गई कई जनहितकारी पहलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने मावां-धियां सत्कार योजना की शुरुआत का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “यह योजना आम परिवारों की सहायता के लिए पंजाब सरकार का एक बड़ा कदम है। विशेषकर आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहे कई परिवारों के लिए हर महीने 1000 से 1500 रुपये की राशि बहुत महत्वपूर्ण है। यह सहायता हमारी माताओं और बेटियों के सम्मान का प्रतीक है और उनके चेहरों पर आने वाली मुस्कान मुझे अत्यंत संतोष देती है।”
मुख्यमंत्री ने भोजन और पोषण सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई मेरी रसोई योजना पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पंजाब के मेहनती किसानों ने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि देश का कोई भी नागरिक भूखा न सोए और यह गर्व की बात है कि राज्य लगातार देश के अनाज उत्पादन में अग्रणी रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के कुछ परिवार अभी भी रोजाना भोजन का प्रबंध करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। “मेरी रसोई योजना के माध्यम से पंजाब सरकार 40 लाख परिवारों को भोजन किटें वितरित करेगी।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रत्येक किट में मासिक खपत के लिए दो किलोग्राम दाल, दो किलोग्राम चीनी, एक किलोग्राम नमक, 200 ग्राम हल्दी पाउडर और एक लीटर सरसों का तेल होगा। यह सामग्री राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पहले से दी जा रही गेहूं की मात्रा के अतिरिक्त होगी।
उन्होंने कहा कि वह इस क्षेत्र के लोगों के आभारी हैं, जिन्होंने उन्हें पहले एक कलाकार के रूप में और अब एक जनप्रतिनिधि के रूप में हमेशा भरपूर प्यार दिया है। बेरोजगारी और नशे की समस्या को दूर करने के लिए सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर मिलें, ताकि वे बेहतर भविष्य बना सकें।
उन्होंने कहा, “हम अपने युवाओं के हाथों में टिफिन देना चाहते हैं, ताकि वे सिरिंज और नशे से दूर रहें। खाली हाथ कई सामाजिक समस्याओं का कारण बनते हैं और इसलिए पंजाब सरकार रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए लगातार काम कर रही है।” उन्होंने आगे कहा कि बेरोजगारी कई सामाजिक चुनौतियों की जड़ है और सरकार पहले ही पारदर्शी तरीके से युवाओं को 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान कर चुकी है।
सिंचाई और बिजली आपूर्ति में सुधारों के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सभी क्षेत्रों में बिजली दरों को कम किया गया है और सिंचाई के लिए नहरी पानी के उपयोग में काफी वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जब पंजाब सरकार ने सत्ता संभाली थी, तब केवल 21 प्रतिशत सिंचाई नहरी पानी पर निर्भर थी। आज यह आंकड़ा 68 प्रतिशत हो गया है और हमारा लक्ष्य आने वाले धान के सीजन तक इसे 85 प्रतिशत तक बढ़ाना है।”
उन्होंने कहा कि पूरे पंजाब में लगभग 6900 किलोमीटर को कवर करने वाले 18,349 जल मार्गों को पुनर्जीवित किया गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पानी टेलों तक पहुंचे। सरकार ने नहरी प्रणाली को पुनर्जीवित करने के लिए 6500 करोड़ रुपये खर्च किए हैं और पहली बार 1365 गांवों को नहरी पानी प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है और 16,209 करोड़ रुपये की लागत से गांवों में 49,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया जा रहा है।
शिक्षा सुधारों के बारे में बोलते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि स्मार्ट क्लासरूम, पूरी तरह सुसज्जित प्रयोगशालाओं और आधुनिक सुविधाओं के साथ पूरे पंजाब में स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं। “इन स्कूलों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और वैज्ञानिक शिक्षा प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। शिक्षकों और प्रिंसिपलों को प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा जा रहा है, ताकि वे आधुनिक शैक्षणिक तरीकों को अपनाकर छात्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर सकें।”
उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा कराए गए राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में पंजाब ने केरल को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सरकारी स्कूलों में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग कार्यक्रमों को भी उजागर किया, जिनमें सशस्त्र बलों की तैयारी, नीट, जेईई, सीएलएटी और एनएफआइटी शामिल हैं। उन्होंने कहा, “स्कूल ऑफ एमिनेंस और अन्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने जेईई मेन्ज़, जेईई एडवांस्ड और नीट परीक्षाओं के लिए सफलतापूर्वक योग्यता प्राप्त की है, जो गर्व की बात है।”
