आज़ादी के इतने सालों बाद भी हम पुराने सिस्टम के गुलाम हैं, क्या भगत सिंह और करतार सिंह सराभा इसी वजह से शहीद हुए थे?
चार सालों में सभी वादे पूरे होने से विरोधी बौखलाए, उनके पास चुनाव के समय लोगों के पास जाने के लिए कोई मुद्दा नहीं बचा
अकाली-भाजपा और कांग्रेस ने बारी-बारी से पंजाब को लूटा, अब इन पार्टियों को लोग कभी मौका नहीं देंगे
सभी विरोधी कुर्सी की लड़ाई लड़ रहे हैं और भगवंत मान लोगों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं
मोदी सरकार के तीन काले कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में शहीद हुए 750 किसानों को पंजाब भूला नहीं है
धूरी: Had Bhagat Singh been the first Prime Minister of India, the map of the country would have been different… पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि यदि शहीद-ए-आज़म भगत सिंह देश के पहले प्रधानमंत्री होते, तो आज देश का नक्शा बिल्कुल अलग होता। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि आज़ादी के दशकों बाद भी देश पुराने सिस्टम के जाल में क्यों उलझा हुआ है, जबकि इसी सिस्टम से मुक्ति के लिए भगत सिंह और करतार सिंह सराभा जैसे क्रांतिकारियों ने अपनी जान न्योछावर की थी।
उन्होंने कहा कि यह दीवार पर लिखी बात पढ़ लेनी चाहिए कि वर्ष 2027 में भी आम आदमी पार्टी ही सत्ता में आएगी, क्योंकि चार वर्षों में सभी गारंटियां पूरी कर दी गई हैं और विरोधियों के पास जनता के सामने जाने के लिए कोई मुद्दा नहीं बचा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोधी पार्टियां बारी-बारी से पंजाब को लूटने के बाद अब फिर सत्ता में आने के लिए आपस में लड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान शहीद हुए 750 किसानों को पंजाब अभी तक नहीं भूला है।
आज नए बने सब-डिवीजनल अस्पताल को समर्पित करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह दीवार पर लिखी बात पढ़ लेनी चाहिए कि जनहित में लिए गए फैसलों के कारण ‘आप’ राज्य में दोबारा सरकार बनाएगी।” उन्होंने आगे कहा, “पंजाब के लोग 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों के बाद ‘आप’ की सरकार बनाने के लिए उत्साहित हैं। वर्ष 2022 में शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के पैतृक गांव से सत्ता संभालने के बाद हमारी सरकार ने कई जनहितकारी फैसले लिए। हमने चार वर्षों में अपने सभी वादे पहले ही पूरे कर लिए हैं और आने वाले एक वर्ष में हम राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।”
शासन व्यवस्था में नई पहल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमने चार साल में सभी वादे पूरे कर राजनीति में एक नई परंपरा शुरू की है, जबकि अन्य पार्टियां पांच साल में भी ऐसा करने में सक्षम नहीं हैं। पहले दिन से ही हमारी सरकार पिछली सरकारों के खराब सिस्टम को सुधार रही है और हम आम आदमी की भलाई के लिए साहसिक फैसले लेने से नहीं हिचकते।” उन्होंने आगे कहा, “अब कांग्रेस और बादल फिर से राज्य को लूटने का एक और मौका तलाश रहे हैं, जबकि राज्य पहले ही इनके शासनकाल में बहुत कुछ झेल चुका है।”
लोगों की भावनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “राज्य के समझदार लोग इन्हें कभी भी एक और मौका नहीं देंगे और चुनावों के बाद इन्हें राजनीतिक गुमनामी में भेज दिया जाएगा।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “जिन नेताओं ने नशे के कारोबार को संरक्षण दिया था, उन्हें सलाखों के पीछे भेजा गया है। इन नेताओं ने न केवल राज्य में नशे के व्यापार को बढ़ावा दिया, बल्कि अपनी सरकारी गाड़ियों में नशे बेचे और सप्लाई भी किए। पहले किसी ने भी इन प्रभावशाली नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं की थी, लेकिन हमारी सरकार ने ऐसा किया और अब वे अपने कर्मों की सजा भुगत रहे हैं।”
इन नेताओं की आपसी मिलीभगत का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इन राजनीतिक पार्टियों के बीच एक नापाक गठजोड़ बना हुआ था क्योंकि वे राज्य का खजाना लूटने के लिए एक-दूसरे से हाथ मिला लेते थे। जब ये सत्ता में होते थे तो एक-दूसरे के अपराधों को छुपाने के लिए जानबूझकर आंखें मूंद लेते थे और बचाव कर लेते थे। हालांकि, ‘आप’ सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि इस घिनौने अपराध के दोषियों को जेल भेजा जाए।”
