जालंधऱः आज महाशिवरात्रि है और शिवभक्त शिवालयों में महादेव का पूजन करने के लिए उमड़े हुए हैं। महाशिवरात्रि भगवान शिव को समर्पित एक अत्यंत पावन पर्व है, जो फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी को मनाया जाता है। यह रात्रि शिव और शक्ति के दिव्य मिलन का प्रतीक मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन व्रत, जागरण और पूजा करने से जीवन के पापों का क्षय होता है और आत्मिक शुद्धि प्राप्त होती है। महाशिवरात्रि पर भक्त शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और भस्म अर्पित करते हैं। रात्रि के चार प्रहरों में पूजा और मंत्र जप का विशेष महत्व है। यह पर्व भक्ति, वैराग्य और आत्मचिंतन का संदेश देता है।
महाशिवरात्रि चार प्रहर पूजा शुभ मुहूर्त
रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय – शाम 06 बजकर 39 मिनट से 09 बजकर 45 मिनट तक
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय – शाम 09 बजकर 45 मिनट से 12 बजकर 52 मिनट तक
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय – सुबह 12 बजकर 52 मिनट से 03 बजकर 59 मिनट तक
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय – सुबह 03 बजकर 59 मिनट से 07 बजकर 06 मिनट तक
