सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के सभी रजिस्टर्ड श्रमिकों को मजदूरी में बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
13 साल बाद न्यूनतम मजदूरी में हुई बढ़ोतरी, पिछली सरकारें श्रमिकों की पीड़ा समझने में नाकाम रहीं- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
सिर्फ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही मजदूरों के बच्चों की जिंदगी बदल सकती है, ‘आप’ सरकार प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे रही है- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
मजदूर दिवस के अवसर पर विशेष सत्र में से कांग्रेस का वाकआउट करना मजदूर विरोधी कदम- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
गुरु साहिब जी का धन्यवाद करने के लिए शुक्राना यात्रा करेंगे मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन)-2026 लागू करने हेतु शक्ति देने के लिए होगी शुक्राना यात्रा
चंडीगढ़- मई दिवस के अवसर पर आज पंजाब विधान सभा ने 13 साल बाद न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी करने के लिए सदन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया। सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के सभी रजिस्टर्ड श्रमिकों को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस बढ़ोतरी को श्रम वर्ग के योगदान के प्रति सम्मान बताया।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा की महत्ता का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा ही श्रमिकों की जिंदगी सुधार सकती है और ‘आप’ की अगुवाई वाली सरकार शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी सुधार कर रही है। उन्होंने विशेष सत्र से वाकआउट करने के लिए कांग्रेस पर तीखा निशाना साधा। इस मौके पर उन्होंने एलान किया कि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सम्मान (संशोधन) एक्ट-2026 के पारित होने पर शुक्राना यात्रा निकाली जाएगी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “श्रम श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी की बेस दर (मूल दर) आखिरी बार साल 2012 में संशोधित की गई थी। हालांकि साल 2012 से अब तक महंगाई भत्ता बढ़ता रहा है, लेकिन न्यूनतम मजदूरी की बेस दर में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। मई दिवस के इस पवित्र दिन पर विधान सभा के इस विशेष सत्र में श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की गई है।”
इस बढ़ोतरी को मजदूरों के योगदान के प्रति सम्मान बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी सही मायनों में श्रमिकों के प्रति सच्चा सम्मान है, जो उनके योगदान की तारीफ करता है।” पूरा सदन प्रदेश की सामाजिक-आर्थिक तरक्की में श्रमिकों की मिसाल भूमिका को याद करता है। हालांकि यह बढ़ोतरी 13 साल पहले हो जानी चाहिए थी, लेकिन श्रमिकों के प्रति असंवेदनशील रवैये के कारण किसी ने भी यह बढ़ोतरी करने की कोशिश नहीं की।
पिछली सरकारों की नाकामी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “पिछली दो सरकारों का कार्यकाल इन मेहनतकश लोगों की मजदूरी बढ़ाए बिना ही गुजर गया, जबकि यह वर्ग समाज की रीढ़ की हड्डी है। विश्व स्तर पर मजदूरों के संघर्ष के प्रतीक माने जाने वाले मई दिवस पर मैं उन श्रमिकों को श्रद्धांजलि देता हूं, जिन्होंने साल 1886 में शिकागो में काम करने की हालत सुधारने के मसले पर अपनी जानें न्योछावर कर दी थीं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि श्रमिक और मजदूर वर्ग को विकास, शांति और खुशहाली के युग की शुरुआत के लिए आगे आना चाहिए और मई दिवस को सिर्फ ऐतिहासिक दिवस के तौर पर ही नहीं बल्कि अपने अधिकारों की रक्षा के लिए दृढ़ प्रण लेकर मनाना चाहिए। सरकार ने यह ऐतिहासिक पहल उनकी भलाई के लिए की है और रजिस्ट्रेशन में बढ़ोतरी के जरिए उनकी भलाई को और मजबूती मिलेगी।
विपक्षी दल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सत्र की शुरुआत सुहृदयता से हुई, लेकिन कांग्रेसी नेता इसे हजम नहीं कर सके और कोई मुद्दा न होने के बहाने इसका बहिष्कार कर दिया, जो बड़े जमींदारों, कारोबारियों और कुलीन वर्गों के रूप में उनकी संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है, जिन्हंै श्रमिकों की भलाई से कोई लेना-देना नहीं। इसके उलट ‘आप’ सरकार ने मजदूर वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
