खादों की जमाखोरी, गैर-अधिकृत भंडारण और कालाबाजारी पर पूर्ण प्रतिबंध, खादों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग पर सख्त मनाही
मोगा: District Magistrate issues important orders for fertilizer sellers, wholesalers, and retailers... डिप्टी कमिश्नर-सह-जिला मजिस्ट्रेट सागर सेतिया ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिला मोगा की सीमा में महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं।
जारी आदेशों के अनुसार कोई भी खाद विक्रेता, थोक विक्रेता अथवा परचून विक्रेता सरकार द्वारा निर्धारित कीमतों से अधिक मूल्य पर खादों की बिक्री नहीं करेगा। कोई भी विक्रेता खादों के साथ किसी अन्य सामान या उत्पाद की जबरन खरीद नहीं करवाएगा। खादों की जमाखोरी, गैर-अधिकृत भंडारण तथा कालाबाजारी पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा खादों को गैर-अधिकृत व्यक्तियों या गैर-स्वीकृत उद्देश्यों के लिए डायवर्ट करने पर भी रोक लगाई गई है।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि सभी खाद विक्रेता अपने स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रिकॉर्ड और बिल आदि नियमों के अनुसार सुरक्षित रखेंगे तथा जांच के दौरान मांगने पर उन्हें तुरंत प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग, सिविल प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा खाद की दुकानों, गोदामों तथा भंडारण स्थलों की नियमित जांच की जाएगी, ताकि इन आदेशों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उपरोक्त आदेशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश 19 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेगा।
डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने कहा कि मोगा जिले में कुछ खाद विक्रेताओं, थोक एवं परचून विक्रेताओं तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों द्वारा खादों की ओवर प्राइसिंग, ओवर पासिंग, टैगिंग, जमाखोरी, कालाबाजारी, अवैध भंडारण तथा खादों की अवैध डायवर्जन जैसी गतिविधियां किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। इसके कारण खादों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है और किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि जनहित तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसानों को खादों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ये आदेश जारी किए गए हैं।
