24X7 बाढ़ कंट्रोल रूम स्थापित करने के साथ-साथ 31 मई तक सर्च और बचाव टीमें तैनात करने के निर्देश
मानसून से पहले सतलुज के संवेदनशील बांधों की मजबूती की समीक्षा की
बाढ़ जैसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अंतर-विभागीय समन्वय पर दिया गया जोर
जालंधर: All flood protection works in the district must be completed by June 20… आने वाले मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने बाढ़ सुरक्षा कार्यों में लगे सभी विभागों को चल रहे प्रोजेक्ट्स 20 जून, 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि तैयारियों में कोई भी ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आज यहां ज़िला प्रशासकीय कॉम्प्लेक्स में बाढ़ सुरक्षा प्रबंधों संबंधी एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने ज़िले भर में चल रहे विभिन्न बाढ़ प्रबंधन प्रोजेक्ट्स की प्रगति का विस्तारपूर्वक मूल्यांकन किया। उन्होंने ड्रेनेज और सिंचाई विभागों को सतलुज दरिया से गाद (सिल्ट) निकालने का काम निर्धारित समय तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के दौरान नदी के अतिरिक्त पानी के उचित प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए यह बहुत ज़रूरी है।
वालिया ने सभी सब-डिवीजनल मैजिस्ट्रेटों को मानसून के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी इमरजेंसी स्थिति से निपटने के लिए सतर्कता के तौर 31 मई तक सर्च और बचाव टीमें तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी हिदायत दी कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से जरूरत पड़ने पर निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के लिए पहले से ही निकासी केंद्रों की पहचान कर उन्हें तैयार रखा जाए।
ज़िले के इमरजेंसी उपकरणों की समीक्षा करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने विभागों को बाढ़ से निपटने के उपायों को मजबूत करने के लिए ज़रूरी नाव, लाइफ जैकेट्स, सर्च लाइट्स, गोताखोर, रेत की बोरी, वाटर पंप और चारे की खरीदारी के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ सुरक्षा कार्यों से जुड़े अधिकारियों को अपने मोबाइल फोनों पर ‘सचेत ऐप’ इंस्टॉल करने के निर्देश भी दिए ताकि उन्हें बाढ़ की प्रारंभिक चेतावनी और अलर्ट मिल सकें।
संवेदनशील गांवों में समय पर सूचना के प्रसार को सुनिश्चित बनाने के लिए वालिया ने फील्ड अधिकारियों को बाढ़ संभावित क्षेत्रों में पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम तैयार रखने को कहा। उन्होंने सतलुज के किनारे, खासकर मंडाला छन्ना और गिद्धड़पिंडी में, बांधों को मजबूत करने संबंधी रिपोर्ट भी मांगी, जहां पिछले बाढ़ों के दौरान कटाव हुआ था।
डिप्टी कमिश्नर ने सभी विभागों को ‘बाढ़ सुरक्षा कार्य योजना’ और ‘ज़िला आपदा प्रबंधन योजना’ को अपडेट रखने को कहा। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी किसी भी स्थिति की रोकथाम के लिए अंतर-विभागीय समन्वय वाले प्रयास बहुत ज़रूरी हैं। उन्होंने आगे कहा कि मानसून सीजन के दौरान स्थिति पर नज़दीकी नजर रखने के लिए 24×7 बाढ़ कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा।
