– मालवा क्षेत्र में पहुंची शुक्राना यात्रा
– पंजाब के भाईचारे की मजबूत डोरियों को तोड़ने की साजिशें रच रही हैं सांप्रदायिक पार्टियां, नापाक मंसूबे सफल नहीं होने दूंगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
– पहले ये सांप्रदायिक लोग किसी राज्य में दो भाईचारों में फूट डालते हैं, एक भाईचारे के पक्ष में खड़े होते हैं और दूसरे को डरा कर वोट लेते हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
– जैसे ही बंगाल में भाजपा की सरकार बनी, हर तरफ खौफ और भय का माहौल बन गया, यही साजिश पंजाब के लिए रची जा रही है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
– देश के आजादी संघर्ष में आरएसएस का कोई योगदान नहीं, आरएसएस ने 52 साल अपने हेडक्वार्टर पर तिरंगा नहीं लहराया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
– विरोधी पार्टियां पंजाब को लूटने के लिए एक और मौका मांग रही हैं, लेकिन पंजाब के लोग इन्हें सत्ता में नहीं बल्कि जेल में भेजेंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
– बेअदबी के मामलों में अब मानसिक रोगी होने का बहाना नहीं चलेगा, रखवाले या साजिशकर्ता को भी उम्रकैद की सजा और 50 लाख रुपए तक जुर्माना भरना पड़ेगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
– शुक्राना यात्रा के तीसरे दिन बठिंडा से रवाना होकर मुख्यमंत्री ने श्री दमदमा साहिब पर माथा टेका
बठिंडा: चार दिवसीय ‘शुक्राना यात्रा’ के आज तीसरे दिन मालवा क्षेत्र पहुंचकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारतीय जनता पार्टी और सांप्रदायिक ताकतों पर प्रहार करते हुए कहा कि भगवा पार्टी पंजाबियों पर देश विरोधी होने का ठप्पा लगाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा वोटों के लिए पंजाब की सदियों पुरानी भाईचारे की मजबूत डोरियों को तोड़ने की गहरी साजिश रच रही है।
मुख्यमंत्री ने आज बठिंडा से यात्रा की शुरुआत की और श्री दमदमा साहिब में माथा टेका। विभिन्न स्थानों पर लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि पश्चिम बंगाल में शुरू की गई “डर और बंटवारे की राजनीति” अब पंजाब में लागू करने की साजिश रची जा रही है, जहां सांप्रदायिक ताकतें समाज के ध्रुवीकरण और सत्ता पर कब्जा करने के लिए भाईचारों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि देश की आजादी और एकता के लिए सबसे ज्यादा कुर्बानियां देने वाले पंजाबी ऐसी ताकतों को मुंह तोड़ जवाब देंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बेअदबी के मामलों में शामिल लोगों, जिनमें सरपरस्त भी शामिल हैं को अब नए कानून के तहत सख्त सजाएं भुगतनी पड़ेंगी, जिसमें उम्रकैद और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना शामिल है।
तलवंडी साबो, बठिंडा शहर और कोटशमीर में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाबियों को राज्य की शांति, भाईचारे और सद्भावना के लिए घातक फूट डालो ताकतों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सांप्रदायिक राजनीति को पंजाब की सदियों पुरानी भाईचारे की एकता में फूट डालने की इजाजत नहीं दी जाएगी। “पंजाब पंजाबियों का है” का नारा लगाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जो लोग भाईचारे की साझ को चोट पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, वे पंजाब के दुश्मन हैं।” भाजपा ने महाराष्ट्र, हरियाणा, बिहार, उत्तर प्रदेश और बंगाल में बंटवारे की राजनीति के जरिए सत्ता हासिल की है, लेकिन पंजाब में ऐसी साजिशें कभी सफल नहीं होंगी क्योंकि यहां के लोग हर त्योहार साझे तौर पर मनाते हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सांप्रदायिक पार्टियां पंजाब के भाईचारे को तोड़ने की साजिश रच रही हैं और उनके घिनौने एजेंडे को सफल नहीं होने देना चाहिए।” पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद वहां हालात बद से बदतर हो गए और लोगों के घरों में आग लगाई जा रही है। “जब भाजपा ने पश्चिम बंगाल में सरकार बनाई, हर तरफ डर का माहौल पैदा हो गया। अब पंजाब के लिए भी यही साजिश रची जा रही है।”
राष्ट्रवाद के मुद्दे पर आरएसएस और भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आरएसएस ने 52 साल तक अपने हेडक्वार्टर पर तिरंगा नहीं लहराया, फिर भी आज वे दूसरों को देशभक्ति के सर्टिफिकेट बांट रहे हैं। उन्होंने कहा, “पंजाबियों ने आजादी के संघर्ष में देश के लिए अनगिनत कुर्बानियां दी हैं और उन्हें देशभक्ति के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।”
1947 के विभाजन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दुखांत के दौरान पंजाब ने सबसे ज्यादा दुख झेले और लगभग 10 लाख पंजाबियों ने अपनी जानें गंवाईं, जबकि अब पंजाब की देशभक्ति पर सवाल उठाने वालों ने देश के लिए ऐसी कोई कुर्बानियां नहीं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ भाजपा नेता उन पर देशद्रोह के आरोप लगा रहे हैं, जबकि वे यह भूल रहे हैं कि पंजाबियों ने देश के लिए 90 प्रतिशत कुर्बानियां दी हैं और अब उन्हें गद्दार कहा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, “देश के लिए सबसे ज्यादा कुर्बानियां देने वाले पंजाबियों को अब भाजपा द्वारा देश विरोधी करार दिया जा रहा है।”
विरोधी नेताओं पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सुनील जाखड़ जैसे नेताओं को अंतरजातीय मेल-मिलाप सहन नहीं हो रहा क्योंकि वे एक आम परिवार के बेटे को राज्य का मुख्यमंत्री बनकर ईमानदारी से पंजाब की सेवा करते नहीं देख पा रहे।
कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोनों पार्टियों को लुटेरे बताया, जिन्होंने आम लोगों की भलाई को नजरअंदाज करते हुए दशकों तक पंजाब की दौलत लूटी।
उन्होंने कहा, “विरोधी पार्टियां पंजाब को लूटने का एक और मौका मांग रही हैं, लेकिन लोग अब इन्हें सत्ता में नहीं बल्कि जेल भेजेंगे।”
उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल सत्ता में वापसी के सपने देख रहे हैं, लेकिन पंजाब के समझदार लोग उन लोगों को दोबारा कभी वोट नहीं देंगे, जिन्होंने बार-बार राज्य के साथ धोखा किया है। इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि एक श्रद्धालु सिख होने के नाते अकाल पुरख का शुक्राना करने के लिए उन्होंने श्री आनंदपुर साहिब स्थित तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेकने के बाद पूरे धार्मिक जोश और उत्साह के साथ ‘शुक्राना यात्रा’ शुरू की थी।
उन्होंने कहा कि उनका दिल परमात्मा का ऋणी है कि उन्हें जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम-2026 लागू करके मानवता की सेवा करने का मौका दिया गया, जो बेअदबी के लिए सख्त सजा की व्यवस्था करता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार भाग्यशाली है कि इस ऐतिहासिक कानून को पास करने की सेवा सौंपी गई है, जो भविष्य में बेअदबी की घटनाओं को समाप्त करेगा। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी एक गहरी साजिश का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य पंजाब में शांति, सद्भावना, भाईचारे की साझ और फिर्की सद्भावना को भंग करना था।
यह अधिनियम यह सुनिश्चित करता है कि इस न अक्षम्य अपराध के दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और इस घिनौने अपराध के दोषियों को मिसाल सजा दी जाएगी।” उन्होंने आगे कहा कि बेअदबी के मामलों में मानसिक रोगी होने का बहाना अब काम नहीं करेगा और ऐसे अपराधों में शामिल लोगों के रखवालों तथा साजिशकर्ताओं को भी उम्रकैद के साथ-साथ 50 लाख रुपए तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब में बेअदबी करने वाले अब सजा से नहीं बच सकेंगे।”
उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सख्त कानून भविष्य में बेअदबी की घटनाओं के खिलाफ मजबूत कदम साबित होगा और कोई भी दोबारा ऐसा अपराध करने की हिम्मत नहीं करेगा।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को हर सिख के लिए पिता समान बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी पवित्रता को सुनिश्चित करना समाज का साझा फर्ज है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के लोग इस ऐतिहासिक कानून के लागू होने पर खुशी और शुक्राना व्यक्त कर रहे हैं।
