कांग्रेस और अकाली दल ने पंजाब को लूटने का साधन समझा; आप सरकार ने इस सिलसिले को खत्म किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
पिछली किसी सरकार ने सत्ता में 4 साल पूरे होने के बाद जनता से फीडबैक मांगने की हिम्मत नहीं की: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
जालंधरः Mann government always committed to helping traders… आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ आज जलंधर में ‘पंजाब राज्य व्यापारी आयोग’ की एक बैठक के दौरान व्यापारियों, दुकानदारों और कारोबारियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने संवाद और जवाबदेह शासन के माध्यम से व्यापारियों की चिंताओं को हल करने के लिए भगवंत मान सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। छोटे व्यापारियों को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए ‘आप’ सुप्रीमो ने कहा कि जहां पिछली सरकारों ने उनके मुद्दों को नजरअंदाज किया और उन्हें परेशानी तथा जबरन वसूली का शिकार बनाया, वहीं भगवंत मान सरकार ने ऐसी प्रथाओं को समाप्त कर दिया है और व्यापारी आयोग का गठन किया है ताकि व्यापारी वर्ग को सामना करने वाली छोटी से छोटी समस्या का भी त्वरित और प्रभावी ढंग से समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब दशकों के शोषण और खराब शासन से मुक्त हो चुका है, जिससे जनकल्याण पर केंद्रित पारदर्शी और विकास-उन्मुख शासन के नए युग की शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के विपरीत, ‘आप’ सरकार में सत्ता में चार साल पूरे करने के बाद सीधे लोगों से फीडबैक मांगने का भरोसा है, जबकि सिंचाई, रोजगार, सार्वजनिक सेवाओं और बुनियादी ढांचे पर इसके काम ने पूरे पंजाब में लोगों की जिंदगी बदल दी है।
एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “भगवंत मान सरकार ने सत्ता में चार साल पूरे कर लिए हैं। चार साल काम करने के बाद मुझे पंजाब के इतिहास में ऐसी कोई सरकार याद नहीं है, जो लोगों के सामने बैठकर ऐसी चर्चा कर सके। इससे पहले कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल की सरकारें आईं। चार साल सत्ता में रहने के बाद जब वे लोगों के बीच जाते थे, तो गांव वाले उन्हें अंदर आने भी नहीं देते थे। लोग हाथों में जूते लेकर उन्हें पीटने के लिए तैयार खड़े होते थे। आज जब हम लोगों के बीच जाते हैं, तो वे हमें देखकर मुस्कुराते हैं, हमारी तारीफ करते हैं और हमें गले लगाने के लिए तैयार रहते हैं। वे हमारे काम की प्रशंसा करते हैं।”
एक रोड शो का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “कल हम बठिंडा में थे। नगर निगम के शानदार परिणाम हासिल करने और मेयर बनाने के बाद हम वहां एक रोड शो कर रहे थे। जब हम गलियों से गुजर रहे थे, तो लोग हमारा स्वागत करने के लिए अपनी दुकानों से बाहर आ गए। उनके हाव-भाव से साफ पता लग रहा था कि वे भगवंत मान और हम सभी को देखकर कितने खुश थे। वे सच में बहुत खुश थे। आज मैं यहां भी वही प्रतिक्रिया देख रहा हूं। जिस तरह आप सभी सरकार की तारीफ कर रहे हैं और इसके कामों की प्रशंसा कर रहे हैं, लगता है कि पंजाब के इतिहास में कुछ बहुत ही असाधारण हो रहा है। पहली बार कोई सरकार अपने चार साल पूरे कर चुकी है और लोग अभी भी उस सरकार को पसंद करते हैं और उसे फिर से वापस लाना चाहते हैं।”
अपने बचपन को याद करते हुए अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा, “जब मैं छोटा होता था, मैं गर्मियों की छुट्टियां अपने दादा जी के घर बिताता था। मैं सिवानी गांव से संबंध रखता हूं। बस स्टैंड पर हमारी किराने की दुकान थी और मैं दोपहर के समय वहां बैठता था। मेरे ताऊ जी/चाचा जी एक छोटे व्यापारी थे। उस समय से मैं जानता हूं कि इस पूरे सिस्टम में एक छोटे व्यापारी की कोई नहीं सुनता। जब सरकारें पंजाब की अर्थव्यवस्था, जीडीपी और विकास के बारे में चर्चा करती हैं, तो भी ध्यान सिर्फ बड़े उद्योगपतियों और करोड़ों-अरबों रुपये के निवेश पर ही रहता है। लेकिन सूबे की असली रीढ़ छोटा व्यापारी है। आप लोग ही असली रीढ़ हैं। व्यापारियों की बात तो हर कोई करता है, लेकिन मैंने कोई ऐसी सरकार या सियासी पार्टी नहीं देखी, जो सच में व्यापारियों के पास जाकर उनकी समस्याओं का हल करे।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर आपकी दुकान के सामने वाली सड़क टूट जाए या बिजली का खंभा खराब हो जाए, तो आप क्या करते हैं? आप सरकारी दफ्तरों, विधायकों और अलग-अलग विभागों के चक्कर काट-काट कर थक जाते हैं। एक स्ट्रीट लाइट ठीक करवाना भी एक बहुत बड़ी जद्दोजहद बन जाता है। क्या ऐसा नहीं होता? एक छोटा सा काम भी आपको बहुत थका देता है।”
व्यापारी आयोग के उद्देश्य के बारे में बताते हुए ‘आप’ मुखिया ने जोर देकर कहा, “यह सुनिश्चित करने के लिए कि एक छोटे व्यापारी की आवाज सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचे, हमने ‘पंजाब राज्य व्यापारी आयोग’ का गठन किया है। यह आयोग राज्य स्तर, जिला स्तर और हलका स्तर पर काम कर रहा है। पूरे पंजाब में छोटी-बड़ी करीब 800 मंडियों/बाजारों की पहचान की गई है। इन सभी बाजारों में व्यापारियों के साथ बैठकें की गई हैं। व्यापारियों ने जो भी मांगें उठाईं, चाहे वह बिजली की नंगी तारें हों, टूटी सड़कें, खराब स्ट्रीट लाइटें, शौचालयों की कमी, पीने के पानी की किल्लत या कोई अन्य समस्या—उन सभी चिंताओं को दस्तावेजी रूप देकर सीधे भगवंत मान के पास भेजा जाता है। मुख्यमंत्री कार्यालय में एक विशेष टीम यह सुनिश्चित करती है कि छोटी से छोटी समस्या का भी समाधान किया जाए।”
इस प्रणाली की प्रभावशीलता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “किस सरकार ने कभी यह सुनिश्चित किया है कि एक छोटे व्यापारी की आवाज मुख्यमंत्री तक पहुंचे और मुख्यमंत्री खुद हर मुद्दे को हल करने के लिए काम करे? मैं बहुत खुश हूं क्योंकि जो चिंताएं आप सभी ने आज उठाई हैं, वे दर्शाती हैं कि यह पूरा सिस्टम प्रभावी ढंग से काम कर रहा है। व्यापारी आयोग का गठन बिल्कुल इसी उद्देश्य के लिए किया गया था।”
भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “एक और महत्वपूर्ण बात है। पिछली सरकारों के समय हम जबरन वसूली (फिरौती/गुंडा टैक्स) के बारे में सुनते थे। व्यापारियों और उद्योगपतियों को पैसे देने के लिए मजबूर किया जाता था। हमारी सरकार के पांच सालों के दौरान, वह जबरन वसूली का सिस्टम खत्म हो गया है। अब आपसे कोई पैसे वसूलने नहीं आता। हमारी सरकार के राज में कोई जबरन वसूली नहीं है। हमारी सरकार ईमानदारी से काम करती है।”
उन्होंने आगे कहा, “हालांकि, अब एक बड़े पैमाने पर जबरन वसूली शुरू हो गई है। पंजाब में चार पार्टियां हैं। एक है ‘चिट्टा पार्टी’। आप समझते हैं कि किस पार्टी ने पंजाब के हर घर में नशा फैलाया। इसी पार्टी को ‘बेअदबी पार्टी’ भी कहा जाता है क्योंकि इसके राज में बेअदबी की कई घटनाएं हुई थीं।” ‘आप’ मुखिया ने कहा “एक और पार्टी है, ‘ईडी पार्टी’। यह वह पार्टी है जो व्यापारियों से पैसे वसूलने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का दुरुपयोग कर रही है। फिर एक ‘झगड़ा पार्टी’ है, जिसके आगू हमेशा आपस में ही लड़ते रहते हैं। वे आज भी लड़ रहे हैं और वे आपके लिए कुछ नहीं करने वाले। चौथी पार्टी आम आदमी पार्टी है, आपकी अपनी पार्टी, ‘जनता की पार्टी’, जो आपके लिए काम कर रही है।”
