जालंधर: Micro and small foundry industries in crisis… स्टैम्पिंग स्क्रैप की कीमतों में लगातार हो रही अनुचित एवं बेतहाशा वृद्धि के कारण विशेष रूप से एस.जी. आयरन फाउंड्री तथा माइक्रो एवं स्मॉल फाउंड्री उद्योग गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। यह बात फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्री एंड ट्रेड (FIT) के अध्यक्ष सुनील शर्मा ने एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान कही।
उन्होंने बताया कि पिछले केवल दो महीनों में स्टैम्पिंग स्क्रैप की कीमतों में लगभग 12 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है, जबकि स्टील, पिग आयरन और आयरन शीट की कीमतें इसकी तुलना में काफी कम हैं। ऐसे में स्टैम्पिंग स्क्रैप की यह असामान्य मूल्य वृद्धि पूरी तरह असंगत प्रतीत होती है और उद्योगों की उत्पादन लागत को असहनीय बना रही है।
सुनील शर्मा ने कहा कि अधिकांश माइक्रो एवं स्मॉल उद्योग केवल 5 से 8 प्रतिशत के सीमित लाभ मार्जिन पर कार्य करते हैं। कच्चे माल की कीमतों में 12 से 15 प्रतिशत की अचानक वृद्धि होने से उनके लिए पुराने ऑर्डर पूरे करना और उत्पादन जारी रखना आर्थिक रूप से बेहद कठिन हो गया है।
इस मूल्य वृद्धि का सीधा प्रभाव स्कैफोल्डिंग एवं फॉर्मवर्क, ऑटो पार्ट्स, हैंड टूल्स, पाइप फिटिंग, ट्रैक्टर पार्ट्स, कृषि उपकरण तथा अन्य इंजीनियरिंग उत्पाद बनाने वाले एमएसएमई उद्योगों पर पड़ रहा है।
सुनील शर्मा ने सरकार तथा संबंधित विभागों से मांग की कि इस असामान्य मूल्य वृद्धि के कारणों की तत्काल जांच की जाए और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। साथ ही, संभावित कृत्रिम कमी, जमाखोरी, कार्टेलाइजेशन अथवा अन्य अनुचित व्यापारिक गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि फाउंड्री उद्योग, श्रमिकों के रोजगार और पूरी मैन्युफैक्चरिंग सप्लाई चेन को सुरक्षित रखा जा सके।
उन्होंने बताया कि इस गंभीर विषय को लेकर फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्री एंड ट्रेड (FIT) शीघ्र ही माइक्रो एवं स्मॉल फाउंड्री उद्योगों की संयुक्त बैठक आयोजित करेगी। बैठक में यह भी विचार किया जाएगा कि यदि कच्चे माल की कीमतों में शीघ्र राहत नहीं मिलती, तो फाउंड्री उद्योगों से एक सप्ताह के सांकेतिक उत्पादन अवकाश की सामूहिक अपील की जाए।
उन्होंने कहा कि इससे स्टैम्पिंग स्क्रैप की मांग में अस्थायी कमी आएगी और बाजार में कीमतों को उचित स्तर पर लाने का दबाव बनेगा।
सुनील शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो अनेक छोटे फाउंड्री उद्योगों के लिए उत्पादन जारी रखना कठिन हो जाएगा। इसका गंभीर प्रभाव हजारों श्रमिकों के रोजगार, इंजीनियरिंग उद्योग और पूरे औद्योगिक सप्लाई नेटवर्क पर पड़ सकता है।
बैठक में FIT अध्यक्ष सुनील शर्मा, सचिव नवनीत कुमार, जतिन वधावा, वरुण जिंदल, अभि गोयल तथा अंकुर खन्ना विशेष रूप से उपस्थित रहे।
