नूरमहल (पंजाब): Preparations for the Shri Guru Purnima festival… दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (DJJS) आश्रम, नूरमहल में 29 जुलाई को आयोजित होने जा रहे भव्य “श्री गुरु पूर्णिमा महोत्सव” की तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच चुकी हैं। इस दिव्य एवं विराट आध्यात्मिक आयोजन में लाखों श्रद्धालु सम्मिलित होने जा रहे हैं। सम्पूर्ण आश्रम परिसर आध्यात्मिक उल्लास, सेवा-भाव और अनुशासित व्यवस्थाओं का अनुपम संगम बन चुका है।
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के संयोजक स्वामी विश्वानन्द जी ने जानकारी देते हुए बताया की इस विशाल आयोजन के सफल संचालन हेतु संस्थान के लगभग 22,000 समर्पित सेवादार लगभग 60 विभिन्न विभागों के माध्यम से दिन-रात सेवा कार्यों में जुटे हुए हैं। प्रत्येक विभाग को सुव्यवस्थित एवं सुचारु संचालन की दृष्टि से विशेष जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को हर स्तर पर उत्कृष्ट सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकें।
आगंतुकों की विशाल संख्या को ध्यान में रखते हुए एक विशाल एवं भव्य पंडाल तथा आकर्षक मंच का निर्माण एवं साज-सज्जा संपन्न हो चुकी है। सम्पूर्ण आयोजन को अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित करने के लिए नवीनतम ऑडियो, वीडियो एवं एलईडी प्रसारण व्यवस्था स्थापित की गई है, जिससे मंच द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम का प्रत्येक क्षण सभी श्रद्धालुओं तक प्रभावी रूप से पहुँच सके।
उन्होंने बताया की श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा सहायता, यातायात एवं पार्किंग प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, सूचना केंद्र तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। संस्थान के अथक सेवादार अनुशासन एवं आत्मीयता के साथ प्रत्येक आगंतुक का स्वागत एवं सहयोग करने के लिए पूर्णतः तैयार हैं।
महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं को दिव्य आध्यात्मिक प्रवचनों, हृदयस्पर्शी भजनों एवं भावपूर्ण आरती का अनुपम आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होगा, जो वातावरण को भक्ति, श्रद्धा एवं गुरु-भक्ति के दिव्य रस से अनुप्राणित करने में सक्षम है। कार्यक्रम की पूर्णाहुति के उपरांत सभी श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यवस्था की गई है, जहाँ हजारों सेवक प्रेम, समर्पण एवं सेवा-भाव के साथ प्रसाद वितरण करेंगे।
स्वामी विश्वानन्द जी ने दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान सभी श्रद्धालुओं एवं आध्यात्मिक प्रेमियों से इस पावन अवसर पर सपरिवार उपस्थित होकर गुरु-भक्ति, आध्यात्मिक चेतना एवं मानव कल्याण के इस दिव्य महोत्सव का पुण्य लाभ प्राप्त करने का आग्रह करता है।
