नई दिल्लीः Petrol may become expensive… ईरान, इजराइल-अमेरिका युद्ध का असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ना तय है। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने लगी हैं। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते जंग के हालात ने कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों को 80 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा दिया है। स्ट्रेट ऑफ होरमुज के जरिए ऑयल टैंकरों का आवागमन बंद होने की खबरों ने ग्लोबल स्तर पर क्रूड की सप्लाई और महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। यह समुद्री मार्ग इसलिए अहम है क्योंकि दुनिया की लगभग 20% क्रूड सप्लाई इसी रास्ते से होती है। अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की आंशका हो गई है। इसी रूट से भारत के कच्चे तेल का लगभग आधा हिस्सा आता है। अगर यह रास्ता बंद हो जाता है तो क्रूड सप्लाई बुरी तरह प्रभावित होगी।
Petrol may become expensive… बहुत से लोग मान रहे हैं कि ऐसा होने पर भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ सकते हैं। एक अधिकारी ने कहा, ‘भारतीय रिफाइनरी कंपनियों के पास टैंक और पारगमन में मिलाकर 10 से 15 दिन का कच्चा तेल भंडार है। इसके अलावा, उनके ईंधन टैंक भरे हुए हैं, जो देश की 7-10 दिन की ईंधन जरूरत को आसानी से पूरा कर सकते हैं।’ एक अनुमान के मुताबिक पेट्रोल डीजल के दाम पांच से 10 रुपए प्रति लीटर बढ़ सकते हैं।
