जालंधर: Auction of various contracts on March 11 at the District Administrative Complex… जिला प्रशासकीय परिसर जालंधर में बनी 7 कैंटीन (डी.ए.सी.), साइकिल स्टैंड, एक कैंटीन टाइप-1 सेवा केंद्र (डी.ए.सी.) तथा पोलरॉइड/डिजिटल कैमरों से फोटो खींचने के ठेकों की नीलामी 11 मार्च 2026 को सुबह 11 बजे सहायक आयुक्त (जनरल) जलंधर की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में होगी।
इस संबंध में कार्यालय के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक बोलीदाता को बोली में शामिल होने के लिए अपनी आवेदन पत्र और सुरक्षा राशि का बैंक ड्राफ्ट, जो डी.सी.-कम-चेयरमैन ओ एंड एम सोसाइटी जालंधर के पक्ष में हो, डिप्टी कमिश्नर जालंधर के दफ्तर (नजरत शाखा), कमरा नंबर 123, पहली मंजिल, डी.ए.सी. में बोली की तिथि से एक दिन पहले जमा करवाना होगा। जो बाद में सफल बोलीदाता द्वारा ठेके की आधी राशि जमा करवाने के बाद बाकी सभी को वापिस कर दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि पोलरॉइड/डिजिटल फोटोग्राफी के ठेके की आरक्षित बोली 27,60,000 रुपये और सुरक्षा राशि 1,00,000 रुपये रखी गई है। इसी प्रकार कैंटीन (डी.ए.सी.) के ठेके की आरक्षित बोली 16,67,200 रुपये और सुरक्षा राशि 1,00,000 रुपये, साइकिल स्टैंड के ठेके की आरक्षित बोली 33,85,091 रुपये और सुरक्षा राशि 2,00,000 रुपये है। इसके अलावा कैंटीन (डी.ए.सी. में टाइप-1 सेवा केंद्र) के ठेके की आरक्षित बोली 2,40,000 रुपये और सुरक्षा राशि 50,000 रुपये है।
उन्होंने बताया कि बोली की आवेदन देने वाले को उक्त बोली में उपस्थित होकर बोली देना अनिवार्य होगा, बोली न देने की स्थिति में सुरक्षा राशि जब्त कर ली जाएगी। कैंटीन खोलने का समय सुबह 9 से शाम 6 बजे तक का होगा और यदि अधिकारियों द्वारा कोई अचानक बैठक शनिवार या रविवार तथा किसी सरकारी छुट्टी वाले दिन रखी जाती है तो कैंटीन खोलने के लिए बाध्य रहेगा।
सफल बोलीदाता को ठेके की कुल राशि का ½ हिस्सा बोली वाले दिन से 2 दिनों के अंदर जमा करवाना होगा और बाकी बची ½ राशि 6 मासिक किश्तों में जमा करवानी होगी। सफल बोलीदाता अपनी सुविधा अनुसार एकमुश्त राशि एडवांस के रूप में जमा करवा सकता है।
ठेके की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक होगी और 31 मार्च 2027 शाम 5 बजे के बाद ठेकेदार को अपना सामान डी.ए.सी. में रखने का कोई अधिकार नहीं होगा।
बाकी शर्तें मौके पर ही पढ़कर सुनाई जाएंगी, जो संबंधित बोलीदाता को माननी पड़ेंगी। शर्तों में वृद्धि/संशोधन का अधिकार चेयरमैन के पास होगा
