जालंधरः पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में सभी राजनीतिक दल जुटे हुए हैं। कोई अकेले जुटा है तो कोई गठबंधन की आस लिए। सबसे ज्यादा प्रदेश में अगर चर्चा है तो वो यह है कि भाजपा और शिअद गठबंधन कर सकते हैं और दोनों एक साथ मिलकर 2027 विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन जैसे जैसे राजनीतिक समीकरण बन रहे हैं वो गठबंधन की ओर इशारा कर रहे हैं। जैसे कि शिअद सुप्रीमो सुखबीर बादल का प्रधानमंत्री से मिलना और सांसद हरसिमरत कौर बादल का नया बयान देना। इस महीने की शुरुआत में, शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उनके कार्यालय में मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद से शिअद के भाजपा के साथ गठबंधन करने की अटकलें शुरू हो गई थीं। शिअद पहले भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का हिस्सा था लेकिन अब रद्द हो चुके तीन कृषि कानूनों को लेकर वह गठबंधन से अलग हो गया था।
कहां फंसा है पेंच
वर्तमान स्थितिदोनों दलों की ओर से अभी तक सीट-बंटवारे या गठबंधन पर अंतिम मुहर नहीं
लगाई गई है।
पंजाब में आगामी राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए इस संभावित समझौते पर चर्चा जारी है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
सीट बंटवारे के बाद सीएम और डिप्टी सीएम फेस को लेकर भी पेंच फंसेगा।
भाजपा अब छोटे भाई की भूमिका में नहीं बल्कि बड़े भाई की भूमिका में आना चाहती है यानि ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है।