जालंधर: पंजाब की छोटी और लघु फाउंड्री इकाइयों ने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) से अपील की है कि छोटे उद्योगों पर लागू किए जा रहे सख्त नियमों पर दोबारा विचार किया जाए।
उद्योगों की मांग है कि 2 TPH तक की छोटी फाउंड्री को नए सिस्टम की अनिवार्यता से छूट दी जाए और उन्हें मौजूदा प्रभावी व्यवस्था के आधार पर काम करने की अनुमति मिले।
उद्योग प्रतिनिधियों ने कहा कि छोटे उद्योगों के लिए सरल मंजूरी व्यवस्था, क्षमता के अनुसार नियम और व्यावहारिक समाधान जरूरी हैं। साथ ही, सभी जरूरी मंजूरियों के लिए एक ही जगह से सुविधा उपलब्ध हो, ताकि अनावश्यक देरी से बचा जा सके।
उन्होंने कहा कि पंजाब की छोटी इंडस्ट्री को आसान कारोबार की जरूरत है, न कि ऐसे सख्त फैसलों की। यदि व्यावहारिक राहत नहीं मिली तो कई छोटी इकाइयों के लिए कारोबार जारी रखना मुश्किल हो सकता है और वे बंद होने या पड़ोसी राज्यों में स्थानांतरित होने के लिए मजबूर हो सकती हैं।
उद्योग प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग पर्यावरणीय नियमों में ढील की नहीं, बल्कि उद्योग की क्षमता के अनुसार सरल, व्यावहारिक और उचित नियमों की है।
बैठक में संजय जूनेजा, चेयरमैन; मनीष क्वात्रा, मानद सचिव; जसजीत सिंह बेदी, वाइस चेयरमैन; विशाल गौतम, संयुक्त सचिव — सभी, IIF चंडीगढ़ चैप्टर, तजिंदर भसीन, अध्यक्ष, उद्योग नगर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन; अमिताभ अग्रवाल, कार्यकारी सदस्य, JAMA; नितिन कपूर उपस्थित थे।