Skip to content

हम पंजाब को शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित कर रहे हैं: मुख्यमंत्री मान

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब को शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है

हम पंजाब को शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित कर रहे हैं: मुख्यमंत्री मान
Share Facebook X WhatsApp Telegram Email

धूरी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब को शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के सुधार कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और सरकार द्वारा युवाओं के लिए करियर के नए रास्ते खोले जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि उनकी सरकार द्वारा युवाओं को रिश्वत और फ़रमाइश के बिना पूरी तरह योग्यता के आधार पर 70,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

धूरी के गांव बरड़वाल स्थित देश भगत कॉलेज में युवा मेले के दौरान युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें शिक्षा और कड़ी मेहनत पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पंजाब को ऐसे चुने हुए प्रतिनिधियों की जरूरत है जो लोगों के दुखों और समस्याओं को समझ सकें।

इस मौके की कुछ यादें साझा करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 'X' पर लिखा: "आज मुझे धूरी हल्के के गांव बरड़वाल स्थित देश भगत कॉलेज में करवाए गए क्षेत्रीय युवा मेले के दौरान युवाओं से रूबरू होने का मौका मिला। उनके उत्साह और कलात्मक हुनर को देखकर मुझे अपने शुरुआती दिनों की याद आ गई, क्योंकि मेरा सफर भी ऐसे ही मंचों से शुरू हुआ था। युवाओं को मेरी सलाह है कि इन मुकाबलों में हिस्सा लेना ही अपने आप में सबसे बड़ी जीत है। जो जीतते हैं, उन्हें नम्र रहना चाहिए और जो हार जाते हैं उन्हें और कड़ी मेहनत करनी चाहिए। हमारी सरकार ने बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के युवाओं को 70,000 से अधिक नौकरियां दी हैं। तुम बस अपनी पढ़ाई और कड़ी मेहनत पर ध्यान दो। पंजाब सरकार हर कदम पर तुम्हारे साथ खड़ी है।"

इस मौके पर जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "युवाओं की ऊर्जा, हुनर और रचनात्मकता पंजाब की सबसे बड़ी पूंजी हैं और सूबे का भविष्य इन गुणों को निखारने और युवाओं को जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के सार्थक अवसर प्रदान करने पर निर्भर करता है।"

मुख्यमंत्री ने कहा, "शिक्षा क्लासरूम, पाठ्यपुस्तकों और परीक्षा के नतीजों से परे होनी चाहिए। असली शिक्षा स्वतंत्र सोच, जिम्मेदारी की मजबूत भावना, अपनी सांस्कृतिक जड़ों के प्रति सम्मान और अपने सपनों को पूरा करने की हिम्मत वाले आत्मविश्वासी व्यक्ति पैदा करने में है।"

युवा मेलों के महत्व को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे समागम विद्यार्थियों को अपने छिपे हुए हुनरों का पता लगाने, झिझक को दूर करने, आत्म-विश्वास विकसित करने और अनुशासन, टीम वर्क और स्वस्थ मुकाबले में बहुमूल्य सबक सीखने के योग्य बनाते हैं। उन्होंने आगे कहा, "यह मंच विद्यार्थियों को एक दूसरे से सीखने, अपने सोच के दायरे को बड़ा करने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए अपने आप को तैयार करने में मदद भी करते हैं।"

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस युवा मेले में 39 कॉलेजों के विद्यार्थियों की भागीदारी को देखकर बेहद खुशी जताई। इस दौरान चार चरणों में 60 विभिन्न गतिविधियां करवाई गईं। उन्होंने कहा, "विद्यार्थी सांस्कृतिक और साहित्यिक मुकाबलों की विशाल श्रेणी के माध्यम से अपनी कलात्मक योग्यताओं, रचनात्मकता और हुनर का प्रदर्शन कर रहे हैं जो पंजाब की युवा पीढ़ी की जिंदादिली और क्षमताओं को दर्शाते हैं।" उन्होंने कई दशकों से युवा मेले करवाने में पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला और इसके युवा भलाई विभाग के योगदान की सराहना भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा, "इन प्रयासों ने युवा प्रतिभा को निखारने, संस्कृति को प्रोत्साहित करने और नई पीढ़ी को पंजाब की शानदार विरासत से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है।"